Sheelnidhi Gupta Writes a Letter to the Prime Minister

आदरणीय प्रधानमंत्रीजी,

किसी भी देश की बुनियाद, उसकी नींव होती है उसकी “शिक्षा प्रणाली”। शिक्षा का क्षेत्र अपने आप में एक बहुत बडा क्षेत्र है जो कि विभिन्न समस्याओं से गुजर रहा हैं, लेकिन एक शिक्षक होने के नाते मैं आपका ध्यान गुणवत्तापुर्ण शिक्षा की ओर आकर्षित करना चाहता हुँ। जब तक हम विद्यार्थियों को गुणवत्तापुर्ण शिक्षा (Quality Education) नहीं दे पायेंगे तब तक हम अपने देश का भविष्य सुनिश्चित नहीं कर पायेंगे। मेरी नजर में गुणवत्तापुर्ण शिक्षा (Quality Education) नहीं दे पाने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैः-

1)    बुनियादी स्तर पर अच्छे एवं प्रतिभावान शिक्षकों का अभाव (विशेष तौर पर सरकारी स्कुलों में)

2)    कम कीमत में अच्छी शिक्षा नहीं। हर विद्यार्थी प्राईवेट स्कूल में नहीं पढ सकता और सरकारी स्कूल में पढाई का स्तर अच्छा नहीं होता। उच्च शिक्षा तो इतनी मँहगी हो गयी है कि केवल अमीरों के लिये ही रह गयी है।

3)    व्यावहारिक शिक्षा का अभाव

4)    संपूर्ण शिक्षा प्राप्त कर लेने के बाद भी नौकरी या रोजगार का भरौसा नहीं

निश्चित रूप से सरकार ने शिक्षा में सुधार के लिये कई प्रयास किये है, लेकिन या तो सब कागजों पर है या फिर केवल आँकडों को सुधारने के लिये उठाये गये, दिखावटी कदम। व्यावहारिक रूप से गुणवत्तापुर्ण शिक्षा देने के लिये सरकार को कई नवीन कदम उठाना होंगे। कुछ सुझाव निम्नलिखित हैः-

1)    उच्च शिक्षित युवाओं को बुनियादी शिक्षा से जोड्ने के लिये कदम उठाये जायें। सरकारी स्कूलों में निजी क्षेत्र की भागिदारी की जायें ताकि स्तर में सुधार हो।

2)    कम से कम कीमत में उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाई जाये।

3)    व्यावहारिक (Practical) शिक्षा देने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास किये जायें, जिसके लिये पाठ्यक्रम में बदलाव करने होंगे।

4)    विद्यार्थीयों की समस्याओं के समाधान के लिये राष्ट्रीय हेल्पलाईन शुरु की जाये।

आपसे यही निवेदन है कि उपरोक्त समस्याओं पर गम्भीरतापूर्वक विचार करें एवं उनके समाधान के लिये अतिशीघ्र प्रयास शुरु करवायें। कम लिखा हैं अधिक समझना। भारत नित नयी उँचाईयों को छुये, इसी सोच के साथ आपका शुभेच्छु –

शीलनिधि गुप्ता

Image Courtesy: [The Viewspaper]

Disclaimer: The above article is the personal opinion of the author and not of the publication.